हर मुश्किल का हल हो जैसे
आज नही तो कल हो जैसे
आबाद हो गयी दिल की दिल्ली
घर छोटासा, महल हो जैसे
महकी महकी बाते उसकी
पके आम के फल हो जैसे
सूना सूना लगे भीड मे
शहर नही जंगल हो जैसे
यही ठहरती सुई घडी की
तेरी याद का पल हो जैसे
मेरे ऐब भी प्यारे तुझको
तू माँ का आँचल हो जै